
गत 22 अक्तूबर को आए चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस-एनसीपी गठनबंधन का तीसरी बार सत्तारुढ़ होना तय हो गया था. वहाँ 288 सदस्यों वाली विधानसभा में कांग्रेस-एनसीपी गठबंधन को 144 सीटें मिली हैं.
लेकिन मंत्रालयों के बँटवारे को लेकर दोनों दलों के बीच कोई सहमति नहीं बन पा रही थी.
दो दिन पहले राज्यपाल ने दोनों दलों से कहा था कि वे प्राथमिकता के आधार पर सरकार का गठन करें.
समझौता कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं के बीच कई दौर की चर्चाओं के बाद मंत्रालयों के बँटवारे को लेकर फ़ैसला हो सका है.
कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं के बीच कई दौर की चर्चाओं के बाद मंत्रालयों के बँटवारे को लेकर फ़ैसला हो सका है.
कांग्रेस और एनसीपी के बीच हुए समझौते के अनुसार कांग्रेस के 23 मंत्री होंगे और एनसीपी के 20.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार संभावना है कि एनसीपी के सारे मंत्री एक ही बार में शपथ ले लेंगे जबकि कांग्रेस मंत्री दो हिस्सों में शपथ लेंगे.
मुख्यमंत्री के रुप में शपथ लेने जा रहे अशोक चव्हाण ने शुक्रवार की शाम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात करने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश किया था.
उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से हुई चर्चा में कहा, "मंत्रालयों का बंटवारा बाद में किया जाएगा."
हालांकि उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि कांग्रेस और एनसीपी के बीच मंत्रालयों को बँटवारा किस तरह से हुआ है.
