नई दिल्ली। दिल्ली की सुरक्षा को चाकचौबंद करने के लिए दिसंबर तक यहां राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनसजी) के 100 कमांडो तैनात कर दिए जाएंगे। ये कमांडो राजधानी और आसपास के इलाकों में आतंकवाद निरोधी और अपहरण निरोधी अभियान के लिए 24 घंटे मुस्तैद रहेंगे।
एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर बताया कि दिल्ली में कमांडो तैनात करने का फैसला मुंबई हमले के बाद ही कर लिया गया था। अधिकारी ने कहा, "मुंबई हमले के बाद ही दिल्ली में 120 एनएसजी कमांडो को 24 घंटे तैनात करने का फैसला कर लिया गया था।"
अधिकारी ने कहा, "अगस्त महीने में इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास हमने इसके लिए कुछ जमीन हासिल की। यहां कमांडो और उनके अधिकारियों के आवास के लिए 120 बैरकों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।"
अधिकारी ने कहा, "हमें उम्मीद है कि पूरा निर्माण कार्य दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। ये बैरक अस्थायी किस्म के होंगे। यहां कमांडो और अधिकारियों के लिए कार्यालय भी बनाया जाएगा। हथियारों एवं अन्य उपकरणों को रखने के लिए शस्त्रागार का भी निर्माण किया जा रहा है।" अधिकारी ने कहा कि यहां एक हेलीपैड का भी निर्माण किया जाएगा ताकि किसी अभियान के दौरान कमांडो तत्काल कार्रवाई के लिए प्रस्थान कर सकें।
26/11 से लिया सबक अधिकारी ने कहा कि यह 120 कमांडो उस पहले दल के सदस्य होंगे जो किसी आतंकी गतिविधि या अपहरण के मामले में सबसे पहले घटनास्थल के लिए रवाना होंगे। इसके बाद दूसरा और तीसरा दल हरियाणा के मानेसर स्थित कमांडो ट्रेनिंग सेंटर से भेजा जाएगा। अधिकारी ने कहा कि मुंबई हमले से हमने सबक लिया है और किसी अभियान को शुरू करने में कम से कम समय लगे, इसके प्रयास किए जा रहे हैं। मुंबई हमले के दौरान कमांडो को पहुंचने में सात घंटे लग गए थे।
एक अन्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा, "हमारे सुरक्षाकर्मी हवाई अड्डे पर तैनात रहते हैं। लेकिन वे अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद घर चले जाते हैं और दूसरे सुरक्षाकर्मी उनकी जगह ड्यूटी देते हैं। अब हवाई अड्डे के पास रहने की सुविधा हो जाने के बाद वे वहां स्थायी रूप से मौजूद रहेंगे और 24 घंटे सेवा दे सकेंगे।"
मुंबई हमले के बाद सरकार ने मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई में एनएसजी केंद्र खोलने का फैसला किया है जहां 241 कमांडो तैनात किए जाएंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।