डरबन। इंडियन प्रीमियर लीग के सेमीफाइनल में चेन्नई और दिल्ली की जगह पक्की हो चुकी हैं। प्वाइंट्स टेबल पर नजर डालें तो लगेगा कि बेंगलुरू रॉयल चैलेंजर्स और डेक्कन चार्जर्स भी सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं, लेकिन सच पूछिए ता अभी भी किंग्स इलेवन पंजाब सेमीफाइनल में पहुंच सकती है।
पंजाब सेमीफाइनल में पहुंचेगी या नहीं यह निर्भर करेगा गुरुवार रात खेले जाने वाले हैदराबाद और बेंगलुरू के बीच मैच में दोनों टीमों के रन रेट पर। जो टीम जीतेगी, उसकी तो जगह पक्की, लेकिन यदि हारने वाली टीम का रनरेट किंग्स इलेवन पंजाब के -0.483 से कम हुआ, तो वो टीम टेबल में नीचे खिसक जाएगी और पंजाब टीम सेमीफाइनल में भिड़ेगी।
ऐसा कैसे संभव है देखिये गुरुवार के मैच में यदि डेक्कन चार्जर्स बेंगलुरू को कम से कम 68 रन से हरा देते हैं, बेंगलुरू अगर 100 रन के अंदर सिमट जाती है और चार्जर्स 11 ओवर में लक्ष्य को पूरा कर लेते हैं तो उस स्थिति में बेंगलुरू बाहर हो जाएगी। लेकिन जिस तरह से दोनों टीमें प्रदर्शन कर रही हैं, ये दोनों बातें पूरी होना आसान नहीं है।
यही नहीं अगर डेक्कन चार्जर्स पहले बल्लेबाजी करते हुए 100 रन के अंदर सिमट जाये और बेंगलुरू 32 रन भी नहीं बना सके, डेक्कन चार्जर्स 150 रन बनाये और बेंगलुरू 82 पर सिमट जाए, चार्जर्स 200 रन बना लें और बेंगजुरू 133 भी नहीं छू सके या फिर चार्जर्स 250 रन बनायें और बेंगलुरू 183 तक नहीं पहुंच सके। इन स्थितियों मं पंजाब के लिए रास्ता खुल सकता है।
अगर बेंगलुरू पहले बल्लेबाजी करती है और 50 रन बनाती है, तो चार्जर्स को 10.5 ओवर में लक्ष्य को पूरा करना होगा। यदि 100 रन का टार्गेट हो, तो उसे 11 ओवर में पूरा करना होगा, 150 का टार्गेट हुआ तो 11.2 ओवर में पूरा कर लेती है और या फिर 200 रन के टार्गेट को चार्जर्स 11.4 ओवर में पूरा कर लेते है। इन्हीं स्थितियों में पंजाब रनरेट के आधार पर सेमीफाइनल में पहुंच सकेगी।&13;