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संता-बंता की कंजूसी

सोमवार, नवंबर 9, 2009,15:59[IST]
Santa Banta
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हर छोटे बड़े काम में कंजूसी दिखाते हुए संता और बंता ने शादी की। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हिसाब लगाने बैठे आखिर किसने कितनी कंजूसी की...

बंता: यार संता मैने तो इस बार पैसा बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पता है शादी के बाद मैंने हनीमून के आधे पैसे बचा लिए।
संता: वो कैसे?
बंता: यार मैं हनीमून पर अपनी पत्‍नी को ले ही नहीं गया।
संता: उसमें कौन सी बड़ी बात है! मैने तो हनीमून के पूरे पैसे बचा लिए।
बंता: वो कैसे यार?
संता: असल में मेरा दोस्‍त बलविंदर जा रहा था, मैने उसी के साथ अपनी पत्‍नी को हनीमून पर भेज दिया।

Coolमुन्‍नाभाई पास या फेल!

संता (अपनी पत्‍नी से): डारलिंग, कई साल पहले तुम्‍हारा फिगर पेप्‍सी की बोतल की तरह था।
पत्‍नी: वो ता आज भी है।
संता: क्‍या मजाक कर रही हो।
पत्‍नी: बस फर्क इतना है पहले 300 मिली. की थी अब 2 लीटर की हूं।

Smileसंता-बंता के अनोखे तर्क

एक बार संता सिंह मैसूर पैलेस गए। पैलेस की चकाचौंध देख उनके होश उड़ गए। वो हर चीज को छूकर देखने लगे। अचानक संता ने टीपू सुलतान की कुर्सी देखी और बैठ गए।
गाइड (संता से): अरे जनाब आप ये क्‍या कर रहे हैं, ये टीपू सुलतान की कुर्सी है।
संता: ओए चिंता क्‍यूं कर रहा है, टीपू सुलतान आएंगे तो मैं उठ जाउंगा।



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